कास पठार ट्रैवल गाइड: एंट्री फीस, खर्च, कैसे पहुँचें?

कास पठार : फूलों का राज्य – पूरी ट्रैवल गाइड (Entry Fee, रहने की व्यवस्था, कुल खर्च और खास टिप्स)

प्रकृति प्रेमियों और यात्रियों के लिए महाराष्ट्र का कास पठार (Kaas Pathar / Kaas Plateau) किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इसे “फूलों का पठार” या “फूलों की घाटी” भी कहा जाता है। यूनेस्को ने इसे विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल (UNESCO World Natural Heritage Site) घोषित किया है। हर साल अगस्त के आखिरी हफ्ते से लेकर अक्टूबर की शुरुआत तक यहां हज़ारों रंग-बिरंगे जंगली फूल खिलते हैं, जो किसी कालीन की तरह पूरे मैदान में फैले रहते हैं। यही वजह है कि देशभर से पर्यटक, प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफर यहाँ खिंचे चले आते हैं।

इस ब्लॉग में हम आपके लिए लाए हैं – कास पठार की A to Z ट्रैवल गाइड। इसमें मिलेगा सब कुछ – कास पठार कहाँ है, कैसे पहुँचना है, एंट्री फीस कितनी है, रहने की व्यवस्था, अनुमानित खर्च और आसपास की घूमने लायक जगहें।


कास पठार का लोकेशन और महत्व

कास पठार महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित है। यह सातारा शहर से केवल 25 किलोमीटर दूर है।

  • पुणे से दूरी : लगभग 140 किलोमीटर
  • मुंबई से दूरी : लगभग 280 किलोमीटर
  • ऊँचाई : करीब 1200 मीटर

इस ऊँचाई पर मौसम हमेशा ठंडा और सुखद रहता है। अगस्त से अक्टूबर तक यहां का नज़ारा सबसे अद्भुत होता है। इस समय पूरा पठार गुलाबी, पीले, जामुनी और सफेद फूलों से ढक जाता है।

कास पठार की खासियत यह है कि यहाँ 850 से अधिक वनस्पतियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से कई केवल इसी क्षेत्र में मिलती हैं। ऑर्किड्स, करवी और अन्य दुर्लभ फूल यहां के आकर्षण हैं। यही वजह है कि इसे “भारत का फूलों का गार्डन” भी कहा जाता है।


क्यों जाएं कास पठार?

  1. फूलों का अद्भुत नज़ारा – सितंबर के महीने में जब यहाँ फूल पूरी तरह खिलते हैं, तो पूरा पठार किसी रंगीन चादर से ढका हुआ लगता है। यह दृश्य आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगा।
  2. फोटोग्राफी का स्वर्ग – रंग-बिरंगे फूल और हरियाली से भरे मैदान फोटोग्राफर्स के लिए एकदम बेस्ट जगह हैं।
  3. प्राकृतिक सुंदरता – यहाँ न केवल फूल हैं बल्कि आसपास झीलें, झरने और किले भी हैं।
  4. कम बजट की वीकेंड ट्रिप – मुंबई और पुणे से यहां आसानी से 2 दिन का ट्रिप प्लान किया जा सकता है।

कास पठार कैसे पहुँचे?

1. रेल द्वारा

  • सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन – सातारा (25 किमी)
  • मुंबई, पुणे और कोल्हापुर से सातारा तक ट्रेनें आसानी से मिलती हैं।
  • सातारा से आप ऑटो, टैक्सी या बस के जरिए पठार तक पहुँच सकते हैं।

2. सड़क मार्ग से

  • पुणे से कास पठार – 3 से 3.5 घंटे (NH48 मार्ग)
  • मुंबई से कास पठार – 6 से 7 घंटे (NH48 मार्ग)

👉 सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी कार या कैब बुक करके जाएं। इससे आप आसपास की जगहें भी आराम से देख सकते हैं।


रहने की व्यवस्था

कास पठार पर सीधे रहने की कोई सुविधा नहीं है। यहाँ केवल दिन में घूमने की अनुमति है। लेकिन सातारा और आसपास के गाँवों में रहने के लिए कई विकल्प मिल जाते हैं:

  • बजट होटल – ₹800 से ₹1,500 प्रति रात
  • मिड-रेंज होटल/रिसॉर्ट – ₹2,000 से ₹3,500 प्रति रात
  • होमस्टे (घरेलू भोजन सहित) – ₹1,000 से ₹2,000 प्रति रात

👉 यदि आप परिवार या दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो होमस्टे का अनुभव बेहतरीन रहेगा।


एंट्री फीस और टाइमिंग

  • एंट्री फीस : ₹100 प्रति व्यक्ति (3 घंटे के लिए वैध)
  • बुकिंग : सितंबर और अक्टूबर में टिकट ऑनलाइन पहले से बुक करना जरूरी है।
  • टाइमिंग : सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक

👉 ध्यान दें – एक टिकट केवल 3 घंटे के लिए वैध होता है। इसलिए अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं।


कास पठार के पास घूमने की जगहें

कास पठार के अलावा आप आसपास की जगहें भी देख सकते हैं:

  1. कास झील (2 किमी) – शांत और सुंदर झील, जहां बोटिंग की सुविधा है।
  2. ठोसेघर झरना (25 किमी) – मॉनसून सीजन में बेहद खूबसूरत।
  3. सज्जनगढ़ किला (18 किमी) – धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाला स्थान।
  4. अजिंक्यतारा किला (25 किमी) – सातारा शहर का शानदार व्यू।
  5. बामणोली (20 किमी) – शिवारसागर झील में बोटिंग का अनुभव।
  6. महाबलेश्वर (70 किमी) – पश्चिमी घाट का मशहूर हिल स्टेशन।

कुल खर्च (2 दिन – प्रति व्यक्ति)

अगर आप पुणे या मुंबई से 2 दिन की ट्रिप प्लान करते हैं, तो खर्च कुछ इस प्रकार होगा:

  • यात्रा (बस/रेल/कैब) : ₹600 – ₹1,500
  • रहना : ₹1,000 – ₹2,500
  • खाना : ₹500 – ₹1,000
  • एंट्री और लोकल ट्रैवल : ₹300 – ₹800

👉 कुल मिलाकर आपका खर्च ₹2,500 से ₹5,500 के बीच रहेगा।


ट्रैवल टिप्स

  1. घूमने का बेस्ट टाइम – सितंबर से अक्टूबर की शुरुआत
  2. एंट्री टिकट पहले से ऑनलाइन बुक करें
  3. पानी, हल्का खाना और छाता/रेनकोट हमेशा साथ रखें।
  4. फूल तोड़ना या नुकसान पहुँचाना सख्त मना है।
  5. पठार पर चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें।
  6. सुबह जल्दी जाएं, ताकि भीड़ से बचें और अच्छा नज़ारा मिले।
  7. अगर आप फोटोग्राफी पसंद करते हैं तो कैमरा जरूर साथ ले जाएं

निष्कर्ष

कास पठार केवल एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं बल्कि प्रकृति का अनमोल खजाना है। यह जगह आपको न केवल फूलों की खूबसूरती दिखाती है बल्कि निसर्ग के संरक्षण का महत्व भी समझाती है।

अगर आप मुंबई या पुणे में रहते हैं और वीकेंड पर एक किफायती और यादगार ट्रिप करना चाहते हैं, तो कास पठार आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। यहाँ की यात्रा आपके मन और दिल दोनों को सुकून देगी और जीवनभर की यादें संजो जाएगी।

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